मार्च महीना का जैसे ही अंत होता हे और उसके बाद जैसे ही अप्रैल महीना का आरम्भ होता हे उस दिन लोग अपने दोस्त और रिस्तेदारो से कुछ ऐसी बात कहते हे , जो उनके बारे में ही होती हे , वो बात सुनकर कई लोगो को गुस्सा आ जाता हे ,कुछ लोग आनंद या ख़ुशी से झूम उठते हे। लेकिन बाद में उन सभी लोगो को पता चलता हे की हमें कही हुई बातो से हमें मुर्ख बनाया जा रहा हे ,तो वो लोग भड़क जाते हे। वो लोग जब शिकायत करते हे हमे कहि हुई बात जो एक झूठ हे। तब उनको जवाब मिलता हे ......अप्रैल फूल .......... अप्रैल के पहली तारीख का दिन अप्रैल फूल दिन के नाम से जाना जाता हे। उन दिन कुछ लोग अपने दोस्तो और रिस्तेदारो से मजाक करते हे ओर उस दिन को आनंद ,ख़ुशी से मनाते हे। ..........बॉलीवुड की एक पुरानी हिंदी फिल्म हे , उसमे अप्रैल फूल का एक कॉमेडी गीत भी हे ......... April fool बनाया तो उनको गुस्सा आया
तो मेरा क्या क़सूर ज़माने का क़सूर
जिसने दस्तूर बनाया...
April Fool बनाया तो उनको गुस्सा आया
तो मेरा क्या क़सूर ज़माने का क़सूर
जिसने दस्तूर बनाया
April Fool बनाया…
तो मेरा क्या क़सूर ज़माने का क़सूर
जिसने दस्तूर बनाया...
April Fool बनाया तो उनको गुस्सा आया
तो मेरा क्या क़सूर ज़माने का क़सूर
जिसने दस्तूर बनाया
April Fool बनाया…

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