Friday, 16 December 2022

आदिमानव

      एक समय ऐसा था की ,पृथ्वी पर चारो ओर चारो दिशाओ में सिर्फ कुदरती संपत्ति थी।
      जंगल=छोटी बड़ी वनस्पति ,पानी=कुदरती नदिया, झरने,तालाब या सरोवर,समुद्र,छोटे बड़े पहाड़,शिखर।धरती पर चारो दिशा ओ में केवल कुदरती संपत्ति ।
       उस समय में धरती पर असंख प्राणी रहते थे।उस समय सभी जीवों का स्वभाव,क्रिया,आहार,विहार,वर्तन  लगभग एक समान था।आज के जंगल के प्राणियों का जो जीवन होता है वैसा ही जीवन आदिमानव काल में पृथ्वी पर सभी जीवों का होता था।
      उदाहरण से अगर देखा जाए तो,आज के जंगल के पशु और पक्षी ओ का जो दिनचर्या है,बस वही दिनचर्या उस समय के आदिमानव के समय की थी।
      तो प्रश्न यही होता है की प्राणी विभाग में केवल मनुष्य का विकास क्यों सबसे बेहतर दिखाई देता हैं?अन्य प्राणियों का शारीरिक और मानसिक विकास मनुष्य की तरह क्यों नहीं हुआ?

      आदिमानव शुरुआती समय में कैसा जीवन जीते थे?खुराक खाने- पीने,रहने,पहनने की  व्यवस्था क्या थी उस समय? 
       शरुआती समय में विकास शून्य था आदिमानवों का,तो मनुष्य का शारीरिक और मानसिक विकास कैसे हुआ?

       आदिमानवों के विकास की यात्रा जंगल में आग लगने के कारण हुई थी।जब जंगल में पहली बार आग लगी तब जंगल के सभी प्राणी,पक्षी इधर उधर भागने लगे । सभी आदिमानव भी भागने लगे।

       भागते भागते  कुछ आदिमानव गुफा के अंदर पहुंच गए और आग से बच गई।

        जब जंगल में आग बुझ गई तो बाहर निकले और जंगल में पहली बार जला हुआ भोजन खाया आदिमानवो ने।
        
         बस उस समय से ही आदिमानव के शारीरिक और मानसिक विकास का आरंभ हुआ ।

       1, रहने के लिए घर=गुफा मिल गई और 2 खाने के लिए भोजन।



    

      

Wednesday, 14 December 2022

में ,स्व?

में क्या है?में का स्वरूप क्या है?
में का कोई निश्चित स्वरूप  नही है।

में अनुभव करता है,ज्ञान प्राप्त करता है -मन, बुद्धि, माइंड,दिमाग से ।

विचार करने की प्रक्रिया मानसिक प्रक्रिया है,जो दिखाई नही देती।
मानसिक प्रक्रिया मन,दिमाग,माइंड से जुड़ी प्रक्रिया है।
विचार करने की प्रक्रिया मन,बुद्धि से जुड़ी प्रक्रिया है।

में प्रश्न भी पूछता है मन बुद्धि से और उत्तर जवाब भी लेता है मन बुद्धि से?

में - मन,बुद्धि,दिमाग,माइंड से जुड़ा है,मानसिक प्रक्रिया के साथ में,स्व जुड़ा है।

में - मन से जुड़ा है -मानसिक प्रक्रिया
में - शरीर से भी जुड़ा है - शारीरिक प्रक्रिया

आंतरिक प्रक्रिया और बाह्य प्रक्रिया के साथ भी में जुड़ा हुआ है।
समय के साथ, 
स्थान के साथ,
भी में जुड़ा है।

आध्यतिकता में - में, आत्मा के साथ भी जुड़ा हुआ है।

में ,बस अनुभव करता है।
समय,
स्थान,वातावरण, पर्यावरण,
सामाजिक,आर्थिक,
शारीरिक,मानसिक
आधायत्मिकता

विकास के साथ में या स्व जुड़ा हुआ है।

में देखने,देखना, समझना,अनुभव करने का कार्य करता है।

जो अनुभव करता है,समझता है ,देखता है - वो में, स्व है।
तो स्व,में का स्वरूप क्या हो सकता है?






Tuesday, 6 December 2022

आध्यात्मिक ज्ञान

पृथ्वी
वनस्पति
अग्नि
जल,पानी
वायु
आकाश,अंतरिक्ष


मन,बुद्धि - देखना समझना,विचार करना,सोचना
आंख - देखना
नाक - सूंघना 
कान - सुनना
जीभ, मुंह - बोलना

7 चक्र
1मूलाधार चक्र
2स्वाधिष्ठान चक्र
3मणिपुर चक्र
4अनाहत चक्र
5विशुद्ध चक्र 
6ज्ञान चक्र
7सहस्त्रार चक्र



सूर्य - अंधकार को दूर करता है प्रकाश,
चंद्र -
बुध - मन,बुद्धि,विचार
शुक्र - 
पृथ्वी - जीवन
मंगल - 
गुरु -ज्ञान
शनि -
अरुण -
वरुण - 




Friday, 18 November 2022

गुरुत्वाकर्षण बल

     दो समान दृष्टि के विचारो में आकर्षण का अभाव होता है।

    गुरुत्वाकर्षण शक्ति, बल कण कण में समाई हुई है।
 
वनस्पति और प्राणी की विशेषता भिन्न भिन्न है। गुण,विचार,आकार,प्रकार,स्वभाव,रंग,रूप, देखने ,सुनने,बोलने, समझने की दृष्टि,शक्ति भिन्न भिन्न है।

जीव विज्ञान= वनस्पति शास्त्र और प्राण शास्त्र 

    

    एक समान परिस्थिति में भी एक समान सोच रखने वाले विचार भी एक समान नही हो सकते।

      दो असमान दृष्टि के विचारो में आकर्षण उत्पन्न होता है।दोनो एक दूसरे के विचारो का सम्मान भी करते हैं।

      एक समान दृष्टि के विचारो के बीच दूरी उत्पन्न होती है।दोनो के बीच स्पर्धा होती है। सम्मान से ज्यादा स्पर्धा होने के कारण एक समान दृष्टि के विचारो के बीच में आकर्षण का अभाव दिखाई देता है

     दो अलग क्षेत्र की अलग अलग विचार धारा में आकर्षण उत्पन्न होता है।

उदाहरण से देखा जाए तो

पसंद=आकर्षण और नापसंद,नही पसंद=अपकर्षण, अपा कर्षण

अच्छी आदतें,अच्छी बाते....अच्छी,अच्छा=आकर्षण

बुरी आदते,अच्छी न दिखने वाली बाते...=अपकर्षण , अपा कर्षण 

  दो असमान विषयो के बीच भी आकर्षण और सम्मान होता है।कारण यह है की दोनो के विषय अलग अलग है,इस कारण स्पर्धा नही होती ।

    विरोधाभाषी शब्दो मे भी आकर्षण और सम्मान उत्पन्न होता है।

    एक समान शब्दो में आकर्षण और सम्मान उत्पन्न नही होता।

    गुरु और शिष्य दोनो असमान शब्द है,दोनो शब्द में सम्मान उत्पन्न होता है ।एक ज्ञान देने वाला,एक ज्ञान प्राप्त करने वाला।

   एक समान गुणों में भी आकर्षण का अभाव दिखाई देता है ।
    
   असमान गुणों में आकर्षण के साथ सम्मान भी उत्पन्न होता है।

    अंत में समान गुण,समान प्रवृत्ति,परिस्थिति, समान विचार दृष्टि में आकर्षण का अभाव उत्पन्न होता है।

    असमान गुण,कला,विषय, प्रवृत्ति,विचार दृष्टि में सम्मान के साथ आकर्षण भी उत्पन्न होता है।

    गुरुत्वाकर्षण बल ,शक्ति के कारण ही आसपास सबकुछ उत्पन्न होता है और दिखाई भी देता है।




Monday, 14 November 2022

आकाश

    आकाश की अगर बात करे तो आकाश में अलग अलग समय में अलग अलग रंग दिखाई देते है।
अंधकार में ब्लेक एंड व्हाइट रंग,प्रकाश में रेड,ब्लू,ऑरेंज , व्हाइट,ब्लैक रंग दिखाई देता है।बारिश के समय में सप्त रंगी मेघ धुनुष्य दिखाई देता है आकाश में।

1 एक काला रंग+1 एक सफेद स्वेत रंग=2 रंग
7 सात सप्त रंगी मेघ धनुष्य=7 रंग

2 रंग+7 रंग=9 रंग

अंधकार+प्रकाश=रात+दिन=समय 24

अंतरिक्ष
ब्रह्मांड
सूर्य
चंद्र
9 ग्रह
27 नक्षत्र
असंख्य,अनेक , अनंत तारे 
*0
0+1=1
1+1=2
1+2=3
3*3=9
9*3
=27

0,1,2,3,4,5,6,7,8,9,..........
1,1,1,1,1,1,1,1,1,1,.......


0,1,3,5,7,9,11,13,15,17,19,21,23,25,27,29....
0,2,4,6,8,10,12,14,16,18,20,22,24,26,28,30....

0+1=1
1+1=2
2+1=3
3+1=4
4+1=5
5+1=6
6+1=7
7+1=8
8+1=9

0+1+2=3
3*3=9
9*3=27


0+1=1

1+1=2

1+1++1=3

1+1+1+1=4

1+1+1+1+1=5




1+3+3=7, 3+4=7


3*3=9

3*8=24

3*9=27.




Friday, 4 November 2022

सत्य

    आखिर ये  सत्य,वास्तिविक,यथार्थ शब्द का अर्थ क्या है?बहुत सारे लोग ये कहते है या मानते है की ,इस बात में ,इस बात में सच्चाई है या इस बात में कोई सच्चाई नहीं है?


        लेकिन यहां में जो नाम समावेश कर रहा हु, यहां जो आसपास दिख रहा है उनके नाम,हा सरल मातृभाषा में केवल नाम जो सत्य, वास्तविक,यथार्थ है और उपयोगी भी है

    सबसे पहला नाम है,ओर उनके बाद बहुत सारे नाम है जो सत्य, वास्तिविक,यथार्थ है 
1 पृथ्वी
2 वनस्पति
3 जल,पानी
4 वायु
5 हवा
6 अग्नि 
7 सूर्य
8 चंद्र,चांद,शशि
9 ग्रह,नक्षत्र, अनेक, अनंत, असंख्य तारे
10  ब्रह्मांड
11 अंतरिक्ष
12  आकाश
13 प्राणी
14 पक्षी,पंछी
15 आकार
16 प्रकार
17 रंग
18 गुण,विशेषता
19 ऋतु, मौसम, हवामान
20 दिन और रात (प्रकाश,अंधकार),    सुबह,दोपहर,संध्या,रात, सवेरा
21 नदी
22 समुद्र
23 जंगल
24 पहाड़
25 दिशा

ये जो नाम हैं,वो नाम सत्य,वास्तविक और यथार्थ है।

कविता पाठ

में बहुत खुश हु। तो भी में खुश नहीं हु। में बहुत दुखी हु। तो भी में दुखी नही हु। में बहुत परेशान हु। तो भी में परेशान नही हु। में बहुत आनंद ...