Thursday, 26 January 2023

कविता पाठ

में बहुत खुश हु।
तो भी में खुश नहीं हु।
में बहुत दुखी हु।
तो भी में दुखी नही हु।
में बहुत परेशान हु।
तो भी में परेशान नही हु।
में बहुत आनंद में हु।
तो भी में आनंद में नही हु।
में निष्फल हु।
तो भी में निष्फल नहीं हु।
में सफल हु
तो भी में सफल नहीं हु
में बेहतर हु
तो भी में बेहतर नही हू
में मूर्ख हु
तो भी में मूर्ख नही हु
में बुद्धिमान हु
तो भी में बुद्धिमान नही हू
में गरीब हु
तो भी में गरीब नही हु
में धनवान हु
तो भी में धनवान नही हु
में हार गया
तो भी में हारा नही हु
में जीत गया
तो भी में जीता हुआ नही हूं।
में जीवन हु,
तो भी में जीवन नही हु।
में अभिमान अहंकार हु।
तो भी में अभिमान अहंकार नहीं हु।

पृथ्वी,नदी,समुद्र,जंगल,फल,फूल,वृक्ष, वनस्पति,पहाड़,सूर्य,चंद्र,ग्रह,नक्षत्र, असंख्य तारे,आकाश महत्वपूर्ण है इस संसार में। 

ये है इस कारण जीवन सरल है।





कविता पाठ

में बहुत खुश हु। तो भी में खुश नहीं हु। में बहुत दुखी हु। तो भी में दुखी नही हु। में बहुत परेशान हु। तो भी में परेशान नही हु। में बहुत आनंद ...