Friday, 22 March 2019

खोज

         भगवान शब्द सुनते ही एक आध्यात्मिक शांति का अनुभव मन में अंकुरित होता हे।इस समग्र ब्रह्माण्ड को किस ने बनाया हे ?ये सवाल पृथ्वी पे हर व्यक्ति को होता हे,लेकिन अभी तक मनुष्य पुरे ब्रह्माण्ड को नहीं समज सका  तो भला उनके सर्जनहार भगवान को कैसे समझेगा?ब्रह्माण्ड अनंत हे उनको समझना इतना आसान नहीं हे ,वैसी ही बात  भगवान पे भी लागु होती हे। भगवान  और ब्रह्माण्ड शब्द दोनों एक दूसरे से जुड़े हे ये हम कह सकते हे। इस पृथ्वी पे वैज्ञानिक लोग ब्रह्माण्ड को खोजने में और समझने में लगे हुई हे ,और ब्रह्माण्ड को समझने में सफल भी हुई हे। इसी तरह आध्यात्मिक लोग भी  भगवान को खोजने और समझने में अंशतः सफल भी हुई हे।

No comments:

Post a Comment

कविता पाठ

में बहुत खुश हु। तो भी में खुश नहीं हु। में बहुत दुखी हु। तो भी में दुखी नही हु। में बहुत परेशान हु। तो भी में परेशान नही हु। में बहुत आनंद ...