भगवान शब्द सुनते ही एक आध्यात्मिक शांति का अनुभव मन में अंकुरित होता हे।इस समग्र ब्रह्माण्ड को किस ने बनाया हे ?ये सवाल पृथ्वी पे हर व्यक्ति को होता हे,लेकिन अभी तक मनुष्य पुरे ब्रह्माण्ड को नहीं समज सका तो भला उनके सर्जनहार भगवान को कैसे समझेगा?ब्रह्माण्ड अनंत हे उनको समझना इतना आसान नहीं हे ,वैसी ही बात भगवान पे भी लागु होती हे। भगवान और ब्रह्माण्ड शब्द दोनों एक दूसरे से जुड़े हे ये हम कह सकते हे। इस पृथ्वी पे वैज्ञानिक लोग ब्रह्माण्ड को खोजने में और समझने में लगे हुई हे ,और ब्रह्माण्ड को समझने में सफल भी हुई हे। इसी तरह आध्यात्मिक लोग भी भगवान को खोजने और समझने में अंशतः सफल भी हुई हे। →
Friday, 22 March 2019
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
कविता पाठ
में बहुत खुश हु। तो भी में खुश नहीं हु। में बहुत दुखी हु। तो भी में दुखी नही हु। में बहुत परेशान हु। तो भी में परेशान नही हु। में बहुत आनंद ...
-
नमस्कार... ॐ नमः शिवाय.....पहले के जमाने मे दूसरे देशों के लोग आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश में भारत का प्रवास करते थे.....भारत देश पहले आध्यात...
-
गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी(नेपाल) स्थित जगह कपिलवस्तु नाम के राज्य में हुवा था।गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था,सिद्धा...
-
कुदरती आपत्ति क्या है?और क्यो आती है कुदरती आपत्ति?......इसका एक ही जवाब है कुदरती संपत्ति का नुकसान....जहाँ कुदरती संपत्ति का नुकसा...


No comments:
Post a Comment