देश के विकास के लिए छात्र,किसान,शिक्षक ,सिपाही,व्यापारी और मजदूर का महत्वपूर्ण स्थान हे।देश में किसान फसल पैदा करके देश के विकास में अपना उत्तम योगदान देता हे।देश में सिपाही सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा करके देश के विकास में अहम योगदान देता हे।उस प्रकार व्यापारी और मजदूर भी अपनी कड़ी मेहनत से देश के विकास के लिए कार्य करते हे ,वो बात बहोत महत्वपूर्ण बात हे।
देश के सभी क्षेत्र में देश के विकास में अध्यापक या शिक्षक का कार्य महत्वपूर्ण हे। देश के विकास के लिए देश के लोगों का कार्य सब से महत्वपूर्ण हे। जिस देश के लोगो में देशप्रेम होता हे उस देश का विकास देश के सभी क्षेत्र में बेहतर होता हे। बहोत ऐसे देश हे जो बहोत छोटे देश होते हे लेकिन उस छोटे देशो के लोगो ने देश के विकास में अपना उत्तम योगदान दिया हे। अध्ययन अध्यापन की बात करे तो देश के सभी छात्रों को बेहतर बनाने की जवाबदारी देश के अध्यापको के शिर हे।मतलब के देश के सभी बच्चो की जवाबदारी माता पिता के साथ अध्यापको के शिर पर भी हे। एक अध्यापक ही एक छात्र को अपने पैरो पे खड़ा होना शिखा सकता हे। देश के विकास में अध्यापक का कार्य महत्वपूर्ण हे। देश में से होनहार छात्र देश के विकास के लिए कार्य करे ,इस बात पर बात करे तो इस बात की जबाबदारी देश के सभी अध्यापक की हे। एक अच्छा अध्यापक ही एक होनहार छात्र को जन्म देता हे। देश के ज्यादा से ज्यादा बच्चे अच्छी शिक्षा लेंगे तब देश का विकास होना निश्चित हे।
देश के सभी अध्यापक पाठशाला से लेकर कॉलेज तक बच्चो को अच्छी शिक्षा देते हे ये बहोत अच्छी बात हे ,पर जब छात्र अपनी शिक्षा के अनुरूप ज्ञान से देश के विकास में अपना योगदान दे ये बात बहोत अच्छी हे साथ साथ माता,पिता और अध्यापक के लिए गर्व करने वाली बात हे। देश के अध्यापको को बच्चो को पढाई के साथ देश की सेवा करे ऐसी शिक्षा देनी चाहिए ,जरूर पड़े तो देश के विकास के लिए त्याग और बलिदान देने को तैयार रहे।छात्रों में देशप्रेम,देशभक्त,देशभक्ति के साथ दया प्रेम ,करुणा ,करुणा ,सत्य और अहिंसा के मूल्यों का सिंचन करना चाहिए।जिस छात्र में देशभक्ति और देशप्रेम का गुण कम उम्र में आ जाते हे वो बड़ा होकर देश के विकास में अपना उत्तम योगदान देता हे। देश में देशप्रेमी लोग ही देश के विकास में अपना उत्तम योगदान देते हे हमेशा से ,और इसी योगदान से देश सभी क्षेत्र में आगे बढ़ता हे।
देश में जितने भी महान लोग हो गए हे वो बचपन में कभी छात्र रहे होंगे। उन सभी महान लोगो को अध्यापन कराने की जवाबदारी उस समय के अध्यापको को मिली होंगी ,इस बात से लगता हे पुरातन समय के अध्यापक और छात्र आधुनिक छात्र और अध्यापक से बेहतर होंगे। देश के सभी क्षेत्र के विकास की जबाबदारी आज के छात्रों और अध्यापकों की ही हे। अध्यापक देश के विकास की नीव हे ,जो बेहतर विधार्थी का आधारस्तंभ तैयार करता हे।
अंत में ,भारत देश के महान ज्ञानी महापुरुष की बात याद आ जाती हे की शिक्षक कभी साधारण नहीं होता ,प्रलय और निर्माण उनकी गोद में होता हे -चाणक्य। इस बात से पता चलता हे की देश के विकास में अध्ययन,अध्यापन और अध्यापक का कार्य महत्वपूर्ण हे। हर देश की तरक्की देश के अध्यापको के बदौलत हे , देश का निर्माण अध्यापको से होता हे। देश के सभी लोग अध्यापको को गुरु मानकर सम्मान करना चाहिए।देश के सभी सभी सामाजिक प्राणीयो को अध्यापको का आदर करना चाहिए। देश के विकास की जवाबदारी माता-पिता ,अध्यापको के साथ देश के सभी समाजिक प्राणियों की भी हे। ...... नमस्कार भारत जय हिन्द
देश के सभी क्षेत्र में देश के विकास में अध्यापक या शिक्षक का कार्य महत्वपूर्ण हे। देश के विकास के लिए देश के लोगों का कार्य सब से महत्वपूर्ण हे। जिस देश के लोगो में देशप्रेम होता हे उस देश का विकास देश के सभी क्षेत्र में बेहतर होता हे। बहोत ऐसे देश हे जो बहोत छोटे देश होते हे लेकिन उस छोटे देशो के लोगो ने देश के विकास में अपना उत्तम योगदान दिया हे। अध्ययन अध्यापन की बात करे तो देश के सभी छात्रों को बेहतर बनाने की जवाबदारी देश के अध्यापको के शिर हे।मतलब के देश के सभी बच्चो की जवाबदारी माता पिता के साथ अध्यापको के शिर पर भी हे। एक अध्यापक ही एक छात्र को अपने पैरो पे खड़ा होना शिखा सकता हे। देश के विकास में अध्यापक का कार्य महत्वपूर्ण हे। देश में से होनहार छात्र देश के विकास के लिए कार्य करे ,इस बात पर बात करे तो इस बात की जबाबदारी देश के सभी अध्यापक की हे। एक अच्छा अध्यापक ही एक होनहार छात्र को जन्म देता हे। देश के ज्यादा से ज्यादा बच्चे अच्छी शिक्षा लेंगे तब देश का विकास होना निश्चित हे।
देश के सभी अध्यापक पाठशाला से लेकर कॉलेज तक बच्चो को अच्छी शिक्षा देते हे ये बहोत अच्छी बात हे ,पर जब छात्र अपनी शिक्षा के अनुरूप ज्ञान से देश के विकास में अपना योगदान दे ये बात बहोत अच्छी हे साथ साथ माता,पिता और अध्यापक के लिए गर्व करने वाली बात हे। देश के अध्यापको को बच्चो को पढाई के साथ देश की सेवा करे ऐसी शिक्षा देनी चाहिए ,जरूर पड़े तो देश के विकास के लिए त्याग और बलिदान देने को तैयार रहे।छात्रों में देशप्रेम,देशभक्त,देशभक्ति के साथ दया प्रेम ,करुणा ,करुणा ,सत्य और अहिंसा के मूल्यों का सिंचन करना चाहिए।जिस छात्र में देशभक्ति और देशप्रेम का गुण कम उम्र में आ जाते हे वो बड़ा होकर देश के विकास में अपना उत्तम योगदान देता हे। देश में देशप्रेमी लोग ही देश के विकास में अपना उत्तम योगदान देते हे हमेशा से ,और इसी योगदान से देश सभी क्षेत्र में आगे बढ़ता हे।
देश में जितने भी महान लोग हो गए हे वो बचपन में कभी छात्र रहे होंगे। उन सभी महान लोगो को अध्यापन कराने की जवाबदारी उस समय के अध्यापको को मिली होंगी ,इस बात से लगता हे पुरातन समय के अध्यापक और छात्र आधुनिक छात्र और अध्यापक से बेहतर होंगे। देश के सभी क्षेत्र के विकास की जबाबदारी आज के छात्रों और अध्यापकों की ही हे। अध्यापक देश के विकास की नीव हे ,जो बेहतर विधार्थी का आधारस्तंभ तैयार करता हे। 
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